Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
Narayan

मैंने… तुम्हारे लिए सिर्फ यादें नहीं छोड़ीं, मैंने अपना पूरा प्रेम छोड़ दिया है… तुम्हारी हर मुस्कान में मेरा एक हिस्सा छुपा है, तुम्हारी हर खामोशी में मेरी अधूरी बातें गूंजती हैं… मैं तुम्हारे साथ कुछ ले नहीं जा पाऊँगा, पर तुम्हारे अंदर जो “मैं” रह गया हूँ, उसे कोई समय भी मिटा नहीं पाएगा… अगर कभी भीड़ में तुम अचानक चुप हो जाओ, तो समझ लेना… मेरी याद ने तुम्हें छू लिया है… मैंने तुम्हें पाने से ज्यादा, तुममें बस जाने की कोशिश की थी… ताकि जब मैं न रहूँ, तब भी तुम कभी अकेले न रहो… मेरा प्रेम कोई कहानी नहीं, जो खत्म हो जाए… ये वो एहसास है, जो तुम्हारे दिल में हमेशा धड़कता रहेगा…

Priyanshu Sharma

*_Maaf karna dusre par ehsan nahi, balkay apni rooh ko us bojh se azad karna hai jo tumhein aagay badhne nahi deta. Inteqam tumhe wahin rok deta hai, magar maafi tumhe Arsh tak le jati hai._*🤗 @priyanshusharma

Narayan

कोई अंत नहीं है मन के सूनेपन का, सन्नाटे के पार एक सन्नाटा और है..…

Piyu soul

“कुछ वादे हम निभाते हैं… कुछ हालात हमें निभाने पर मजबूर कर देते हैं। पर सच्चे रिश्ते… खामोशी में भी रास्ता ढूंढ लेते हैं।” 🌙

AbhiNisha

जो बस मेरी हिस्से मेंथी कविता सुबह की नींद हल्की थी सोना चाहती थी पर ख्वाब जगी थी बस जिज्ञासा था सोचने की और यही सोच मुझे सोने नहीं दी फिर उठी आंख खोली एक लंबी सी नींद से राहत पाई उगते सूरज के साथ बढ़ती हुई उम्र थी और उठती हुई जिज्ञासा खुद के लिए फिर तिखी चाय बनाई और फिर एनर्जी को खुद के अंदर भरने के लिए कोई गीता सुना जो मन को भाया मैं ने फिर खुद के लिए कुछ तीखा बनाया अपने हाथों की बनाई हुई तीखे खाना को खाकर मुझे थोड़ा और जीने की चाहत हुई और फिर एक्साइटमेंट हुई कि मैं कहीं जाऊं ऐसा लगा कि हवाओं से बात करू हवाओं के साथ बहे जाने के लिए एक ठंडी शगुन थी आंखों में हां मैं कहीं घूमने गई थी कड़ी धूप थी और भीड़ भाड़ वाली जगह फिर भी मैं हर चीज महसूस कर पा रही थी मैं ने खुद के लिए कुछ खरीदा और वह मेरी खुशी थी और फिर घर वापस आई हवाओं से फिर बात करते हुए अपने होने की एहसास खुद को दिलाते हुए और फिर मैं आज अपनी सहेली से मिली बहुत देर तक मैंने उससे बात की जो दिल में था जो राज थी वह भी खोला जी चाहे जो बोला और फिर शाम हुई चांदनी मेरे हाथों पर थी और लग रही थी चांद को मैं हाथों में लेकर बैठू फिर धीरे-धीरे मैंने चांद से पास अपना हाथों को हटा ली यह कहकर की किसी को मुझे कैद करना पसंद नहीं नहीं ऐ अच्छी बातें हैं और जितनी चांदनी रात खूबसूरत है इतनी खूबसूरत मुझे मेरी आजादी है और ये आजादी मेरी चांदनी रात है मैंने आज फिर एक दिन दिल को शगुन पहुंचने के लिए जिया वह आजादी महसूस कीई जो बस मेरी हिस्से में थी हां यह आजादी मेरे लिए काफी नहीं थी पर कुछ ऐसी थी जेसे घायल परी नन्ही सी परिंदा के निकलती हुई पहली पड़ यह कविता आप सबको पसंद आए तो आगे पढ़ते रहिए मैं आपकी प्रिय लेखक अभिनिशा❤️🦋💯

N¡k¡t@

good night 🌉😴 sweet dreams 🌌 take care💫⭐✨

Piyu soul

“अब ना शिकायत है, ना किसी से उम्मीद… बस खुद के साथ थोड़ा और सुकून चाहिए।” ✨

Anish

मेरा अंदाज़ "नसीर" अहले-जहाँ से है जुदा ! सब में शामिल हूं मगर सब से अलग बैठा हूं! - Anish

Anish

hello डायन सुबह सुबह चाय पीने से अच्छा है तू जहर पी ऐसा जिसका कोई साइड इफेक्ट न हो

Nilesh Rajput

તમે કવિતા લખવાની વાત તો કરો છો, હાથમાં શાહી પકડીને કાગળ પાછળ સતાડો છો! વાંચી તો લીધી તમે આંખો એમની, લખવા બેસો તો પછી આટલા કેમ કાંપો છો! ત્રણ અક્ષરમાં નામ લખાય તો જશે એનું, પાના પર ઉતારવા જતા આટલા કેમ ગભરાવ છો! દિલ છે તૂટ્યું છે હા... ક્યાંક વિખરાયું હશે, પણ આંસુઓને નયનમાંથી કેમ અટકાવો છો!

Nilesh Rajput

તમે કવિતા લખવાની વાત તો કરો છો, હાથમાં શાહી પકડીને કાગળ પાછળ સંતાડો છો! વાંચી તો લીધી તમે આંખો એમની, લખવા બેસો તો પછી આટલા કેમ કાંપો છો?

Ashish jain

*तेज का पुंज: दिवाकर* नभ में चमके भानु, दिवाकर, तम को हरे प्रभाकर, दिनकर। उदय होत जब सूर्य सुनहरे, किरणें बिखेरें मार्तंड गहरे। रवि की आभा, तरणि का प्रकाश,आदित्य सजाते नीला आकाश।पतंग उड़े ज्योत की डोरी संग,सविता भरते जग में नव रंग। अर्क रूप में जल को पाते,सहस्रांशु जग को चमकाते।आशीष मिले जब अंशुमाली का, अंत हो जग की हर काली रात का। *Adv. आशीष जैन* *7055301422* *फिरोजाबाद*

Ashish jain

*आधुनिक कुरुक्षेत्र* आज भी जीवित है वह रण, वह युद्ध पुराना, हर युग में पड़ता है संग्राम को दोहराना। भीतर के विग्रह में जब विवेक सो जाता है, तब हर महाभारत में एक 'धृतराष्ट्र' जन्म पाता है। वह नृप, वह नरेश, वह महीपति अंधा, मोह के पाश में जिसका हर संकल्प है बंधा। सत्य की ज्योति, लौ और शिखा को नमन कर, खड़ा है 'आशीष' आज अपनी लेखनी को धनुष कर। न्याय की राह, डगर और पथ जब धुंधला जाए, अंधा स्वार्थ ही तब विनाश और प्रलय लाए। पर याद रहे, जहाँ धर्म, नीति और पुण्य का वास है, वहीं विजय का असली अंश, भाग और प्रकाश है। *Adv. आशीष जैन* *7055301422* *फिरोजाबाद*

Ashish jain

*प्रतिमा नहीं, स्वभाव है धर्म* समाज की मिट्टी से ही, धर्म का स्तंभ खड़ा होता है, पर जब समाज हो धर्म-विमुख, तो सच कहीं बड़ा होता है। बिना समाज के धर्म भला, किस काम का रह जाएगा? पर खोखले समाज में धर्म, बस नाम का रह जाएगा। बातों के ज्ञानी बहुत मिले,पर कर्मों में सब मौन हैं।ढोंग की चादर ओढ़े सब,बताओ यहाँ धार्मिक कौन है? मंदिर के उस सन्नाटे में, तुम जिसे खोजने जाते हो, कंकड़ और पत्थरों में, बस अक्स अपना पाते हो। धर्म न तिलक की लंबाई में, न जप की माला में है, धर्म न ऊँचे नारों में, न पीत-वस्त्र की शाला में है। असली धर्म तो जीवित है, मानव के सहज स्वभाव में, दया की शीतल वाणी में, और प्रेम के सद्भाव में। पर अंधी इस दुनिया को, बस मूरत ही दिख पाती है, भीतर की जो करुणा है, वह बिन देखे मर जाती है। प्रतिमा पूजी, पर इंसान को, पैरों तले कुचला गया, धर्म के नाम पर सदियों से, बस दिखावा ही रचा गया। जिस दिन स्वभाव में सत्य बढ़ा, उस दिन ये जग मुस्काएगा, पत्थर में नहीं, तब मानव में, ईश्वर तुम्हें मिल जाएगा। *Adv.आशीष जैन* *7055301422* *फिरोजाबाद*

Ashish jain

*स्वभाव का रंग* चाहे डुबो दो मिश्री में, या चाशनी का दो साथ, नींबू अपनी खटास न छोड़े, कैसी भी हो बात। महीने दो या बीतें आठ, रंग न उसका बदलेगा, मीठे जल के भीतर भी, वह खट्टा ही निकलेगा। इंसान का भी यही है ढंग,भीतर छुपा है असली रंग। दिखावे की दुनिया में, चाहे ओढ़ लो कितने भेष, मिटता नहीं है सहज भाव, रह जाता है कुछ अवशेष। जब तक जीवन की भट्टी में, व्यक्तित्व नहीं तपाया जाता, जब तक कर्मों के उपयोग में, खुद को नहीं लाया जाता— तब तक ऊपर की परतें, बस भ्रम का जाल बिछाती हैं, पर असली स्वाद की गहराई, अंत में रंग दिखाती हैं। परिवर्तन बस बाहर से, अक्सर धोखा होता है, भीतर का जो बीज है भाई, वही फल को बोता है। स्वभाव बदलना सहज नहीं, यह अंतर्मन की धारा है, *Adv.आशीष जैन* *7055301422* *फिरोजाबाद*

archana

“फूलों के साथ रहकर भी…… अपनी फितरत नहीं बदलते… उनका काम ही है— चुभना… और दर्द देना…”

Hiral Shah

હાથ માં રાખેલા ફોન પર થતી વાત અને હાથ માં હાથ રાખી ને થતી વાત માં ઘણો તફાવત છે! - Hiral Shah

Shailesh Joshi

કોઈપણ પરિસ્થિતિ આપણને એટલું નુકસાન નથી પહોંચાડી શકતી, જેટલું નુકસાન આપણે એને વધારે પડતું વિચારતા રહીએ, એનાથી થતું હોય છે. - Shailesh Joshi

kattupaya s

Goodnight friends.. sleep well

Jyoti Gupta

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swathi

Amongst the crowds, my eyes search only for you, Amidst a thousand voices, my ears yearn only for that one word from you! The hope that you will come is what keeps me breathing, That single memory is the very destination of my life. With nature as my witness, in the golden glow of the sunset... I wonder when my dream of walking hand-in-hand with you will come true. Though I long to rest my head on your warm heart and close my eyes... It is the faith that you are there for me that helps me cross these eras! I live on, waiting for your arrival, Your memory remains eternal within me. No matter who else is there, with that one promise—that I am here for you— I will happily make this life meaningful with a smile!"

Narayan

"​न पा सके न भुला सके" न बता सके न जता सके, "तु क्या हैं मेरे लिए" ना खुद समझ सके ना तुझको समझा सके...!!💔😞

kattupaya s

The statergy behind every successful story is characterisation. if the same was accurate then the story is nearly close to success.

kattupaya s

Good evening friends.. My Tamil novel "நிழல் தரும் வசந்தம்"part 8 is released. please send your valuable feedback and comments. it will help me to correct my mistakes in future.

Anish

उम्मीद रखनी है तो सिर्फ खुद से रखो, अगर दूसरों से रखोगे तो सिर्फ आंसू ही मिलेंगे ! - Anish

bhagwat singh naruka

*प्रिय साथी* ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच तुम्हें कोई आगे नहीं बढ़ाएगा, खुद ही चलना पड़ेगा। लोग तब तक साथ देते हैं, जब तक तुम उनके काम के हो। आज मेहनत से भागोगे, तो कल मजबूरी में काम करना पड़ेगा। सफल लोग अलग नहीं होते, बस उनकी आदतें अलग होती हैं। *रोज थोड़ा-थोड़ा सुधार करो,* एक दिन बहुत बड़ा बदलाव दिखेगा। क्योंकि जो खुद को बदल लेता है, वही अपनी किस्मत बदल देता है ✅✅✅✅✅✅✅✅✅✅✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✅✅✅

Nilesh Rajput

अब तो कुछ लोग मुझसे मिलने, तुम्हारे पास जाते हैं।

Komal Mehta

The Magnet of My Toil The darkness did not steal the day, I simply pulled the blinds. I sat within the shadows’ gray, And left the sun behind. The current failed, the room went cold, The spark began to slip. But truth be told, and truth be bold— I never fixed the trip. The water flowed at scheduled time, A gift from earth and sky. But while the rhythm stayed sublime, My vessels all sat dry. I blamed the years, I blamed the pace, For time is swift and vast. But I was slow to join the race, And let the moments pass. So I will stop the beggar’s plea, And leave the grief behind. I’ll level up the soul in me, With focused heart and mind. I’ll lean upon my sweat and strain, And let my labor shine. For like a magnet through the rain, Success will soon be mine.

Miss Secret

घर में आया नया बॉडीगार्ड… और शुरू हो गया एक खतरनाक खेल 😶 👉 पूरी कहानी जानो नीचे लिंक में https://www.matrubharti.com/book/19991444/new-bodyguard-1

Imaran

तेरे होंठों की वो पहली मुस्कान 😘 मेरी हर थकान को चुरा ले जाती है 💕 एक किस ही काफी है जान, दिल की हर बात कह जाती है 💋❤️ 💞imran 💞

Anish

In this day and age, first love invariably happens with a deceiver - Anish

Shabdbhramar

शब्दभ्रमर लिखित कोंदण, नक्की वाचा!🙏🍁🍁

Rakesh.P.Savani

એક વાત કેવી છે અરે ઉભા તો રહો એક વાત કેવી છે, અને જો માનો તો એક મુલાકાત લેવી છે! હૈયેં હૈયું સાંભળે એવી એક બાથ ભીડવી છે ! સમી સાંજે આવો તો એક મુલાકાત લેવી છે! અણિયાળી આંખે આમ ના જોશો સામે, તમે હા પાડો તો આંખ માં આંખ પરોવી છે ! આભ જેવું રૂપ ને ચાંદ જેવી આંખો, બોલું શું હું ? બસ થોડી ફરિયાદ કરવી છે ! અરે શરમાવ છો શું ? બોલો તો ખરા, તમારે કોની પરવાનગી લેવી છે! ઉતાવળ બહુ કરી તમે, કહો તો ખરા, અધૂરી વાત ને મુલાકાત ક્યારે કરવી છે હવે ?

MASHAALLHA KHAN

दर्द से भरी ये जिन्दगानी हमारी | खाली पन्नो से भरी एक कहानी हमारी || छू ले आसमानो को ये उम्र है | पर मुस्किलो से जुझती जवानी हमारी || ना जाने समुद्र क्यू खफा है रहता हमसे | जो लहरो मे डूबा दे कश्तियां हमारी || सब की नजर और मुक्कमल है हम | कोई क्या जाने ये बदहाली हमारी || अब दिनो की परवाह छोड़ी दी है हमने | थोड़ा जो सुकु दे बस वो राते हमारी || -MASHAALLHA

Anish

प्रेम अगर राधा है... तो भक्ति मीरा है... और दोनों का अंत कृष्ण है... - Anish प्रेम में तुम उसे चाहते हो... भक्ति में तुम खुद को उसे सौंप देते हो...

ek archana arpan tane

જરુરીયાત પ્રમાણે લોકો ના રંગ બદલાય છે અને માસુમ દુનિયા પુછે છે કે રંગપંચમી ક્યારે છે? - ek archana arpan tane

वात्सल्य

તમને તો આ બધું યાદ ક્યાં હોય !!!વમળને કમળની કિંમત ના હોય એમ કમળને ભમરની,મગરને કામળની.

Narayan

बचपन के घाव अच्छे थे, घुटनों पर ही लगते थे !!💔😞

Narendra Parmar

नहीं लगती हों तुम करीना, करिश्मा के आलिया भट्ट की तरह ! फिर भी गुरुर ऐसा करती हों कि जैसे कि तुम दिखती हों ऐश्वर्या राय की तरह ।। नरेन्द्र परमार ✍️

Shivraj Bhokare

तुम्हारा साथ बिन कहे जो दिल की हर बात पढ़ जाए, वो एहसास हो तुम, भीड़ में भी जो सुकून दे जाए, वो खास हो तुम। तपती धूप में जैसे ठहरती हुई कोई ठंडी हवा, मेरे हर बिखरे पल को संभालता वो किनारा हो तुम। तुम आए तो यूँ लगा जैसे वक्त ने करवट ली हो, सूखी डाल पर चुपके से फिर ज़िंदगी खिली हो। मुझे दुनिया की ख्वाहिश नहीं, न कोई और अरमान, बस इतना काफी है — तुम रहो मेरे पास हर शाम। तुम्हारी मुस्कान अब आदत सी बन गई है मेरी, जैसे अंधेरे को रोशनी की ज़रूरत होती है गहरी। ये रिश्ता लफ़्ज़ों का नहीं, खामोशी का पैगाम है, जहाँ दिल ही समझे दिल को — वही सच्चा मुकाम है। अगर कभी दूर भी हो जाओ, तो एहसास बनकर रहना, मेरी हर धड़कन में, मेरी हर सांस में बस तुम ही बहना।...✍️

Mara Bachaaaaa

फिर मन बेचैन हो गया आज, हम कुछ भी नहीं वह अहसास। - Mara Bachaaaaa

Shivraj Bhokare

धड़कन मेरी, पर एहसास तुम्हारा है, मेरी तन्हाइयों में भी अब पास तुम्हारा है। यूँ तो दुनिया में चाहने वाले कम नहीं हमें, पर इस दिल को सिर्फ इंतज़ार तुम्हारा है। .

Thakor Pushpaben Sorabji

બધું દેજે "કાના" પણ આવો લાગણીસભર આ સ્વભાવ ના દેજે,કેમ કે બીજાને સમજીને ચાલતા ખુદ જ દુઃખી થવાય છે - Thakor Pushpaben Sorabji

Mona Ghelani

"इच्छा"... एक बुरी "बला" है..... पूरी ना हो तो "क्रोध" और... पूरी हो तो "लोभ" बढ़ता है...!✍️🌻🦋🍁 सुप्रभात🌞

महेश रौतेला

वृक्षों से क्या कहूँ वे उगेंगे फूलेंगे, फलेंगे नियति सुदृढ़ हमारी बना हवा में हँसने लगेंगे। उनका शोक गीत सुन सकेंगे जब कटकर वे गिरेंगे। वृक्षों से क्या कहूँ वे आसमान को देख, ठंडी छाया दे हमें देख गुनगुनाने लगेंगे। *** महेश रौतेला

Anish

मुझे घर भी बनाना है, पैसे भी कमाने हैं, एक काम करते हैं मोहब्बत रहने देते हैं।

Shailesh Joshi

वो मुजे क्या, क्या दे सकता है ? या दे सकती है ? ये तो कतई मत देखो, किन्तु.....वो मेरे लिए क्या, क्या छोड़ सकता है ? या छोड़ सकती है ? प्यार में तो बस इतना देखो, क्योंकि ये प्यार हैं, और प्यार में एकदूसरे को कुछ लेने देने से ज्यादा, एकदूसरे की खुशी के लिए, जब कोई ऐसी नोबत आए, तो कुछ छोड़ने की तैयारी होना, इसे ही प्यार कहते है, क्योंकि जीवन में एकदूसरे को हम क्या, क्या दे पाएंगे...? ये तो समय के हाथ में होता है, लेकिन एकदूसरे के लिए हम क्या, क्या छोड़ सकेंगे, ये तो निःसंकोच... हमारे बस की ही बात है. - Shailesh Joshi

Kapil Tiwari

✨ शांति का आह्वान मैं आज शांत महसूस कर रहा हूँ— क्या सच में शांत हूँ? या यह मात्र परिवेश का प्रभाव है? परिवेश कुछ भी हो, अंततः तुम मुझे शांत कर देते हो। प्रतिदिन तुम मुझे खींचते हो, या कदाचित मेरी आंतरिक बेचैनी तुम्हें। खींचाव किसी भी तरफ़ से हो, परिणाम मात्र एक — मैं तुम्हारे पास पहुँच जाता हूँ। और तुम्हारे पास होना अर्थात—अपने पास लौट आना। तुममें ऐसा क्या है? पेड़, पौधे, फूल, हवा— सामान्य दिखते हुए भी मुझे मेरे भीतर उतार देते हो। क्या तुम केवल इतने भर हो? या यह हमारे बीच की एकता का संकेत है? तुम साधारण नहीं हो— यदि होते, तो यूँ प्रेम न करते। मैं अनुभव करता हूँ कि तुम मेरे हो। क्या तुम भी? शायद हाँ। मेरी अनुभूति कहती है— मैं तुमसे पृथक नहीं हूँ। मेरी शांति संकेत है कि मैं तुम हूँ और तुम मैं। मैं तुम्हारी गोद में सो जाना चाहता हूँ। मैं तुम्हारी अनंत शांति में खो जाना चाहता हूँ। समय पुकार रहा है— मैं फिर उससे जुड़ जाऊँगा। पर मैं वादा करता हूँ, मैं फिर लौट कर आऊँगा। और एक दिन—सदा के लिए मैं तुम्हारा हो जाऊँगा। तुम्हारा… तुम्हारा… सिर्फ़ तुम्हारा। ~ यथार्थ

Kapil Tiwari

तू… और मैं तू बह(नदी) रही है, साथ मैं भी। तू चल(समय) रहा है, साथ मैं भी। तेरे संग बह रहा मेरा मन है, तेरे संग चल रहा मेरा तन है। तू नदी है—बहना तेरी नियति है। तू समय है—चलना तेरी प्रकृति है। तेरी नियति से मैंने बाँधी है डोरी, तेरी प्रकृति से की है थोड़ी ज़ोराजोरी। तेरी नियति का परिणाम—एक हो जाना है। मेरी नियति का परिणाम—तूने भी तो जाना है। तेरी प्रकृति है अनंता में जाना, मेरी प्रकृति है अनंता में खो जाना। तेरी और मेरी नियति में फिर भेद कहाँ? तेरी और मेरी प्रकृति में फिर भेद कहाँ? तू दृश्य है—वह परिवर्तन है। मैं दृष्टा हूँ—यह अवलोकन है। दृश्य और दृष्टा जब समान हो जाता हैं, वही अवलोकन का परिणाम बन जाता है। जहाँ तुम और मैं समान हैं, यही अवलोकन का परिणाम है। जहाँ दो नहीं, एक है— वही तो अद्वैत है। कपिल तिवारी "यथार्थ"

Dada Bhagwan

"You're What You Eat!" This popular saying suggests that whatever we eat will shape our spiritual path including our physical & mental state. There is a science behind vegetarian food so if one wants to progress spiritually, vegetarian food is the supreme. Let's understand it in depth from Pujyashree Deepakbhai. Watch here: https://youtu.be/eNFnM0Xi464 #spirituality #spiritualvideo #food #foodhabits #DadaBhagwanFoundation

Vrishali Gotkhindikar

ये राते ये मौसम #selfduet

Kiran

ख्वाबों में रोज तुम आती जरूर हो , लेकिन केवल मेरी गलती याद दिलाने। - Kiran

kattupaya s

Good morning friends.. have a great day

kattupaya s

Good morning friends.. My Tamil novel "நிழல் தரும் வசந்தம்"part 8 is going to be published @7pm today.

Shailesh Joshi

"સરળ" વ્યક્તિને ઓળખવા જેટલું "અઘરું", બીજું એકે કામ નથી. - Shailesh Joshi

Nayana Viradiya

- Nayana Viradiya

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास दुनियादारी दुनिया की धरेड से निकलना चाह्ता हूँ l और ख़ुद ही खुद ही में ढलना चाह्ता हूँ ll किसी ओर को बदलने से बहेतर है कि l सब से पहले खुद को बदलना चाहता हूँ ll जहाँ में इंसान मुखौटा पहने घूमता है तो l दूसरों से पहले खुद समझना चाहता हूँ ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

Ruchi Dixit

ऐसी भी अन्तरदशा चलती है सब झूठ लगता है इसलिए सबसे रुचि समाप्त होने लगती है न लिखने का मन होता है न पढ़ने का न बोलने का न ही सुनने का जैसे सारी बातें भ्रम फैलिने की कोशिश कर रहे हैं । जैसे स्वांस को कोई बाँध रहा है पिंजरे में बन्द छटपटाहट जब आप कुछ नहीं करना चाहते और करने को बहुत कुछ छूटा सा हो .....,, - Ruchi Dixit

mohansharma

एक वो हैँ मोहन जिनकी याद हमारे दिल में हरदम लहराए.. एक हम हैँ जो शायद ही कभी उनको भूले बिसरे याद आए..

kajal jha

कभी सोचा नहीं था यूँ बिखर जाएंगे हम, जिसे चाहा था दिल से, उसी से डर जाएंगे हम। वो हँसते रहे हमारी खामोशी पे हर बार, और हम उनके हर दर्द में मर जाएंगे हम। किस्मत भी कैसी खेल खेलती है देखो, जिसे अपना समझा, उसी से दूर हो जाएंगे हम… - kajal jha

Imaran

कुछ नशा तेरी बात का है, कुछ नशा धीमी बरसात का है, हमें तुम यूँही पागल मत समझो, ये दिल पर असर पहली मुलाकात का है 💖imran 💖

Nayana Viradiya

જન્મ આપી ઈશ્વર કયાં માનવની ભક્તિ માંગે છે . . . ? એ તો માનવી, માનવ થઈ ને રહે તેવી આશા રાખે છે . . . !! Good Morning - Nayana Viradiya

palvisha

🌸 - palvisha

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

करें आचरण सद्पुरुष,वह कहलाए धर्म। जिसकी वे निन्दा करें, जानो वही अधर्म।। दोहा --481 (नैश के‌ दोहे से उद्धृत) ----गणेश तिवारी 'नैश'

bhagwat singh naruka

छोटी सी जिंदगी♥️❌❤️‍🩹 पर ख़्वाब बहुत है✌️जुर्म का पता नही पर इल्ज़ाम बहुत है.!! bhagwat singh naruka

bhagwat singh naruka

तुम्हारे बस में अगर हो तो भूल जाओ मुझे तुम्हे भुलाने में शायद मुझे ज़माना लगे!! जो डूबना है तो इतने सुकून से डूबो के आस पास की लहरों को पता ना लगे!! वो जो फूल मेरे दामन से हो गए है मंसूब भगवान करे उन्हें बाजार की हवा ना लगे!! ना जाने क्या है किसी की उदास आंखों में, वो मुंह छुपा कर भी जाए तो वफा ना लगे!! तू इस तरह से मेरे साथ बेवफाई कर के तेरे बाद मुझे कोई बेवफा ना लगे!!🙏🙏🙏✍️✍️✍️✍️✅✅🥻🥻🥻🥻✅✅✅✅❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❌❌❌

bhagwat singh naruka

💔 *कभी सोचा नहीं था,* तू भी बदल जाएगा... जिसे अपना समझा था, वो ही एक दिन *अजनबी* बन जाएगा... 😢✅✅✅✅✅✅✅✅✅✅✅✍️✍️✍️✍️

antima

भरी महफिल में लोग बड़ी आसानी से बोल देते है " क्या हुआ तुम्हारे रिजल्ट का हुआ की नहीं फलाने की लड़की, फलाने के लड़के का तो सलेक्शन हो गया" कभी सोचा है आजकल के बच्चे फैमिली प्रोग्राम में जाना क्यों पसंद नहीं करते.... उन्हें डर लगता है तुम्हारे इन सवालों का भरी महफिल में उसके जीवन की बोली लगा दी जाती है जिसका सेक्शन हो गया उसे समाज की नजरों में महान बना दिया जाता है और जिसके संघर्ष के दिन चल रहे है उसके चरित्र पर अनगिनत दाग लगा दिया जाता है फोटो फ्रेम के साथ कैरेक्टर लेस का सर्टिफिकेट पकड़ा दिया जाता है क्या कभी किसी विद्यार्थी से पूछा है बेटा इस सफर में थक कितने गए हो तुमने कितना संघर्ष किया है बस मेहनत करो एक दिन जरूर सफल होंगे क्यों नहीं पूछते तुम ऐसा यकीन मानो जिस दिन तुमने किसी भी विद्यार्थी से उसकी पीड़ा जानने की कोशिश की.... मै दावे के साथ कह सकती हु उसके संघर्ष की कहानी आंसुओं के रूप में निकलेगी तुम्हारे इस प्रश्न से कितने विद्यार्थी समाज के सामने जाने से भी डरते है।। ✍️ अंतिमा 😊

ziya

किसी का इश्क किसी का ख्याल थे हम भी, यही पिछले अप्रैल में बहुत कमाल थे हम भी!!

bhagwat singh naruka

*हर कहानी में लोग आत्म हत्या लोग ऐसे ही नहीं करते किसी के पास इतने दुख होते है की* *मृत्यु उन्हें किसी सुख जैसी लगने लगती है* ✅✅❌❌❌❌❌❌❌❌❌❌❌❌❌❌♥️♥️♥️♥️♥️❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹❤️‍🩹

bhagwat singh naruka

अगर दरवाजा पत्थर का हो तो दस्तक देना हिम्मत की बात है , लेकिन अगर दरवाजे के पीछे पत्थर हो तो दस्तक देना बेवकूफी है!!❌❌❌✅✅✅✅✅✅✅✅♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️

bhagwat singh naruka

तुम्हें मोहब्बत है मुझसे मैं जानती हूँ मगर⋆⋆⋆⋆ इश्क़ ये मुझको भी हो ये जरूरी तो नहीं⋆⋆⋆⋆ तुम अपनी वसहत मे उठा लो शहर सर पे लेकिन⋆⋆⋆⋆ मैं भी दर्द मैं कहराऊं ये जरूरी तो नहीं⋆⋆⋆⋆ लाजमी हैं की तेरा इश्क़ डराए मुझको पर⋆⋆⋆⋆ मैं डर ही जाऊं ये ज़रूरी तो नहीं.... तुम मंदिर में, शिवालय में पटक लो माथा मुक्ति मिल ही जाए ये ज़रूरी तो नहीं....!!✅✅✅✅✅✅✅♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️

bhagwat singh naruka

जमाना वफादार नहीं तो फिर क्या हुआ धोखेबाज भी तो हमेशा अपने ही होते है....!!♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️❌❌❌❌❌❌❌🙏🙏🙏🙏🙏🙏❌❌❌❌✅✅✅

Soni shakya

उलझी हुई हूं कुछ ख्यालों के साथ..🍁 फिर बैठी हुं तन्हा तेरी यादों के साथ..🍁 - Soni shakya

Biru Rajkumar

स्त्री तेरी खोज क्या है, तू पता कर जरा, अपने भीतर छिपे उस असीम आकाश को छूकर जरा। तू केवल मर्यादा की लकीर नहीं, एक बहती जलधारा है, तू थकी हुई राहों का सुस्ताता हुआ एक किनारा है। बंधी है तू सदियों से जिन रस्मों और रिवाजों में, उन बेड़ियों को तोड़कर अपनी आवाज़ पहचान जरा। न तू अबला है, न तू बेचारी, तू खुद में एक शक्ति है, तेरी सहनशीलता कमजोरी नहीं, तेरी गहरी भक्ति है। दुनिया की नजरों से खुद को आंकना अब बंद कर, तू खुद अपनी पहचान की मुकम्मल किताब है जरा। उठ, कि तुझे अभी मील के पत्थर पार करने हैं, तुझे अपने सपनों के रंगों से नए संसार भरने हैं। तेरी खोज बाहर नहीं, तेरे अपने वजूद के भीतर है, स्त्री, तू खुद में ही एक पूरा ब्रह्मांड है जरा।

Biru Rajkumar

कुछ पल ठहर जाऊँ मैं, खुद से रूबरू होने के लिए, भागती इस दुनिया में, थोड़ा सुकून बोने के लिए। न मंज़िल की जल्दी हो, न रास्तों की फिकर, बस एक शांत कोना हो, और यादों का ज़िक्र। ठहर जाऊँ कि देख सकूँ, ढलते सूरज की लाली, महसूस करूँ उस हवा को, जो लगती है खाली-खाली। ज़िम्मेदारियों की धूप में, बहुत दूर तक आई हूँ, अब अपनी ही छाँव में, सुस्ताने की बारी है मेरी। कुछ पल ठहर जाऊँ मैं, फिर से मुस्कराने के लिए, कल की नई उड़ान को, पंख देने के बहाने के लिए।

rakhi

kash kisi din nind khule or sab achha ho jaye.... ya fir ek rat esi aye ki fir subha hi na ho *kash google map bta pata zindagi se hare log kaha jate hain..*

Beyondwords

प्रेम स्वभाव में होता है, शब्दों में नहीं... क्योंकि शब्द तो दिखावे भी हो सकते हैं, पर स्वभाव कभी झूठ नहीं बोलता।

અશ્વિન રાઠોડ - સ્વયમભુ

ડૉ. બાબાસાહેબ આંબેડકરના વ્યક્તિત્વ અને તેમના સંઘર્ષને અંજલિ આપતું એક અછાંદસ કાવ્ય અહીં પ્રસ્તુત કરું છું **યુગપુરુષ** તમે માત્ર નામ નથી, તમે તો છો... સદીઓથી ધરબાયેલા મૌનનો ચિત્કાર, અને અન્યાય સામે ઊઠેલો પહેલો પડકાર! ચવદાર તળાવના કાંઠે જ્યારે તમે ખોબો ભરીને પાણી પીધું, ત્યારે એ માત્ર તરસ છિપાવવાની ક્રિયા નહોતી; એ તો હતી ગુલામીની સાંકળો તોડવાની ઘોષણા. તમારા હાથમાં રહેલું પુસ્તક, એ માત્ર કાગળોનો થોથો નહોતો, એ તો હતું કરોડોના નસીબ બદલવાનું હથિયાર તમે શીખવ્યું કે— મસ્તક નમાવીને જીવવા કરતાં, વિચારોથી લડીને જીવવું બહેતર છે. તમે કલમ ઉપાડી... અને લખી નાખ્યું એક એવું 'વિધાન', જ્યાં રાજા અને રંક, બંનેનું એક સરખું હોય સન્માન આજે પણ, જ્યારે કોઈ દબાયેલો અવાજ હક માંગે છે, ત્યારે એ અવાજમાં તમારો પડઘો સંભળાય છે. હે ભીમરાવ! તમે સૂરજ બનીને "સ્વયમ્'ભૂ" આવ્યા એવા સમયે, જ્યારે માનવતાના આંગણે ઘોર અંધારું હતું. તમે ગયા નથી, તમે તો જીવો છો... દરેક આઝાદ વિચારમાં, દરેક સમાન અધિકારમાં! અશ્વિન રાઠોડ (સ્વયમ્'ભૂ)

PRASANG

વીરની વાટે અમે સૌ ઊભા રહી ગયા, આંખોના એ તારા અમને છોડી વહી ગયા. લાડ કોડની એ લાગણીમાં હતા અમે, સ્નેહના સ્પર્શે જીવનભર ભળી ગયા. મોટાભાઈ, તમે દીપ સમા માર્ગ બતાવતા, અંધકાર વચ્ચે અજવાળા પથ આપી ગયા. યાદોના સાગરમાં હવે અમે તણાઈ ગયા, વિરહની વેળાએ શબ્દો પણ થંભી ગયા. શાંતિ મળે આત્માને એવી પ્રાર્થના સાથે, તમારા આશીર્વાદમાં અમે જીવી રહ્યા.

Piyu soul

तेरी आँखों में जो प्यार का नूर उतर आया, मेरे दिल में नील कमल सा सुकून उतर आया… 🌸 तू मिले तो हर दर्द भी हँसकर सह लूँ मैं, तेरे होने से ही मेरा हर जुनून संवर आया… 💙

N¡k¡t@

good night 🌃 sweet dreams 😊🤗

archana

“जब टेंशन में पत्नी बन गई तांत्रिक… और पति निकले CID 🤣🔥” एक समय ऐसा आया… घर में टेंशन ही टेंशन 😤 लोग मुझे ही गलत साबित करने में लगे हुए… मैं इतनी परेशान कि दिमाग बोला — “मैं जा रहा हूँ छुट्टी पर” 🧠✈️ तभी किसी ज्ञानी आत्मा ने एंट्री मारी — 👉 “पति-पत्नी की फोटो कांच की सीसी में रख दो… प्यार बढ़ेगा ❤️” बस… मेरी अक्ल ने भी उसी टाइम छुट्टी ले रखी थी 😌 मैंने सोचा — “चलो यही सही!” फिर क्या… मैंने पूरा सीक्रेट ऑपरेशन चालू किया 🤫 फोटो ली, सीसी में डाली, ढक्कन बंद… और अलमारी के ऐसे कोने में छुपाई… जहाँ आम इंसान तो क्या… खुद भगवान भी न ढूंढ पाए 😎 लेकिन… मैं भूल गई थी कि मेरा पति कोई आम इंसान नहीं है… 👉 वो “CID स्पेशल एडिशन” हैं 🔍🤣 घर में एक पिन भी गुम हो जाए… तो 5 मिनट में बरामद कर देते हैं 😭 और वही हुआ… जनाब ने अलमारी का पोस्टमार्टम कर डाला 🕵️‍♂️ और निकाल ली वो “सीक्रेट सीसी” 😳 फिर शुरू हुआ इंटरोगेशन — “ये क्या है?” “इसमें क्या बंद किया है?” “कौन सा नया नाटक चल रहा है?” 😡 मैं अंदर से — डर 💀 + हंसी 🤭 + पछतावा 😭 सब एक साथ महसूस कर रही थी… पहले तो मैंने गोल-गोल जवाब दिए… सोचा शायद बच जाऊं 😅 लेकिन सामने वाला भी CID निकला भाई 😭 आखिरकार… मैंने हिम्मत जुटाई 😤 और बोल ही दिया — “देखो… फोटो भी तो आपकी ही रखी है ❤️ किसी और की भी रख सकती थी… पर नहीं रखी 😏 👉 क्योंकि मैं आपसे प्यार करती हूँ… इसलिए आपको ही कैद किया है 🤣” बस फिर क्या… उनका गुस्सा — 📉 और मेरा आत्मविश्वास — 📈🤣 वो बोले — “इतनी मूर्खता! ये सब करने की जरूरत क्या है?” 🤦‍♂️ और मैं मन ही मन — 👉 “प्यार बढ़ाने का शॉर्टकट भी फेल हो गया 😭😂” वैसे मैं इन सब चीजों पर बिल्कुल विश्वास नहीं करती… 😌 लेकिन कहते हैं ना… जब इंसान परेशानी में होता है, तो कभी-कभी दिमाग नहीं… दिल फैसले ले लेता है 💔😅 और उस वक्त… मैंने भी वही छोटी-सी मूर्खता कर दी 🤭 अब सोचती हूँ… 👉 ऑनलाइन नुस्खों से नहीं, सीधी बात और समझदारी से ही रिश्ते संभलते हैं ❤️ बाकी… थोड़ी-बहुत पागलपन वाली हरकतें ही ज़िंदगी को यादगार बना देती हैं 😂✨

Miss Secret

एक “हाय”… और दिल की धड़कनें तेज़ 💗 शिजा की झिझक vs आयान की feelings… कौन जीतेगा? 👉 आगे जानने के लिए लिंक क्लिक करो https://www.matrubharti.com/book/19991332/chashmish-2

AbhiNisha

तुम महारानी हो इस जहां की कविता इतना ना सोचो जरा थम कर सांस लो धरती और आसमान तेरे लिए है ऐ चारों जहां तेरे खिदमत के लिए बने हैं इतना ना सोचो जरा थम कर शगुन के सांस ले ऐ धरती आसमान तेरे लिए है ऐ चारों जहां तेरे खिदमत के लिए बने हैं फिर रिग्रेट किस बात का वक्त बीते तो बीते वक्त की कारवां तुम्हारे लिए ठहर जाते हैं तुम जहां आह भर्ती हो वही तो सवेरा है तुम जहां से मुड़ती है वही तो अंधेरा है वक्त की कारवां तुम्हारे कदमों तले हैं फिर क्यों सोचना सांस जाय है जाया जा रहा है तो जाने दे इस सांसों का क्या है फिर नहीं उम्र मिलेंगे नहीं नई ऐ कारवा है तुम्हारे ही जरूर से बनी ये जहां है फिर क्यों आह भरना फिर क्यों पछताना है जो करना है खुल जा और कर ले जो चाहे अपने मन मे वो कर ऐ ब्रह्मांड है चलता तुम्हारे इशारों पर तुम शौर्य से भर जा जरा और तुम जो चाहे वह कर सकती हो तुम आसमां तक सीरिया लगा सकती हो तुम्हारी जिंदगी की हर मुश्किल कारवा आसान तुम बन सकती हो सरगम को कहे दे वो ठहेर अपनी आंखें से रहा को निहार तुम्हें क्या लगता है ऐ रहा उलझी है आलसी है तो क्या तुम कहां से उलझी हो तुम्हारे लिए ऐ जहां ऐ दुनिया है फिर सोचती क्यों जरा थम चैन के सांस ले ऐ जालिम समा तेरे लिए ही बना है ऐ चलती हुई हवाएं तुम्हारे इशारों पर ही नाचता है फिर हुकुम कर सारे बिछरे हुए एसांसों को छोड़कर तुम इस हवां को एहसास कर कुछ देर प्रकृति में बैठ और खुद को आराम दे देख बहारों की खूबसूरती को देख नदियों के लहरों को सन हवा के धुन को ऐ सब तेरे लिए ही यहा है तुम्हारी बेचैन मन को शांति देने के लिए तुम्हें एक सुकून से भरी हुई तितली बनाने के लिए ऐ बाहरे ऐ मौसम ऐ बारिश के बंदे ऐ नदिया ऐ हवा ऐ नदिया की किनारे सब तुम्हारे लिए बना है ऐ पहाड़ ऐ फूल कलियां ऐ हरी भरी दुनिया तुम्हारे लिए बना है तुम महारानी हो इस जहां की इस प्रकृति की इस हवा की फिर डर कर कदम पीछे क्यों लेना जरा थम और शगुन के सांसें ले और फिर जोश से भर और अपने जोश से भरी कदम आगे बढ़ा ऐ जमीन ऐ आसमां तुम्हारे लिए बना है ऐ चारों जहां तुम्हारे खिदमत के लिए बना है अगर यह कविता अच्छी लगे तो आगे पढ़ते रहिए मैं आपके प्रिय लेखक अभीनिशा❤️🦋💯

Vrishali Gotkhindikar

गुम सुम क्यो है सनम

Raj Phulware

IshqKeAlfaaz आता प्रेमाचं...

રોનક જોષી. રાહગીર

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Pragna Ruparel

તમારે જેની સાથે સંબંધ હોય તેની પ્રકૃતિ ઓળખી રાખવી, યાને કે સ્વભાવ ઓળખી રાખવો. તો ,તમારા કોઈ પણ સંબંધમાં પ્રોબ્લેમ થવાની શક્યતા ઘટી જાય છે. તમારું શું માનવું છે? જય સ્વામીનારાયણ મેન્ટલ & ઓથર પ્રજ્ઞા રૂપારેલ

bhagwat singh naruka

मुझको अक्सर परछाई से खेलना पड़ता है सहेलियां तो जैसे रूठकर ससुराल चली गई.!🍂 - bhagwat singh naruka

bhagwat singh naruka

आखिर रिश्ता बचा कर भी क्या कर लोगे *जब सामने वाले का इरादा ही ना हो निभाने का...!!* ♥️❌♥️❌🙏❌❌❌❌❌❌❌✅✅✅✅✅

mohansharma

कहाँ हैँ आजकल मोहन वो तूफान उठाने वाले.. क्या ख़ुद निशाने पे आ गए निशाना लगाने वाले..

bhagwat singh naruka

🙎 समाज में *इंसान* की कीमत उसके *संस्कार* से नहीं उसके *पैसे* से लगाई जाती है।💸

Dhamak

અહેસાસ શબ્દો વિના પણ જે સમજાય, એ વાત છે તું, મારી નિઃશબ્દતામાં છુપાયેલો ભાવ છે તું। આ અજાણી રાહોમાં જ્યારે ખોવાઈ જાઉં હું, મને ફરી માર્ગ દર્શાવે, એ વિશ્વાસ છે તું। જ્યારે તારી આંખોમાં મારી નજર અટકી જાય છે, સમય પણ જાણે થંભી જઈ મારો સાથી બની જાય છે। હવાના મીઠા સ્પર્શ સમો તારો અહેસાસ છે, મારા દરેક સ્વપ્નમાં હવે તારો જ નિવાસ છે। DHAMAK

Narayan

हँस के मिलती है मगर काफ़ी थकी लगती है, उसकी आँखें कई सदियों से जगी लगती हैं। चेहरे पर मुस्कान है, पर दिल में खामोशी गहरी, हर हँसी के पीछे एक अधूरी कहानी छुपी लगती है। लोग समझते हैं उसे बेफिक्र और खुशमिज़ाज, पर उसकी खामोशी बहुत कुछ कहती लगती है। वो सबके सामने खुद को मजबूत दिखा लेती है, पर तन्हाई में उसकी आँखें भीगी लगती हैं।

Anand

I’m happy to share that the cover page of "A Love in the Shadows" has been finalized by the publisher. ✨ Editing is currently in progress, and the journey toward its release continues. 📖 Stay tuned for more exciting updates! 👀

Vartikareena

और यहा चारू बोराते हुए! (माई डियर प्रोफेसर भाग 14 प्रकाशित हो चुका है। आपलोग पढ सकते हो। और कमेंट , रेटिंग कर दिया करो। क्यो कंजूसी दिखाते हो आप लोग। )

Jyoti Gupta

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Imaran

अपने दिल से कह दो किसी और से मोहब्बत की न सोचे.. एक मैं ही काफी हूँ तुम्हें सारी उम्र चाहने के लिए 🫶imran 🫶

ek archana arpan tane

બે ચાર પંક્તિઓ કે એક દિવસ માં શું વાંચી લેશો મને ? મેં વરસો વિતાવ્યા છે મારી લાગણીઓ ને લખવા માટે. - ek archana arpan tane

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