राजन ने उन लोगो के पास जाकर आदर से त्रिशा के पापा और मामा को नमस्ते कहा। उन्होनें भी ...
अगली सुबह का सूरज त्रिशा और राजन के लिए एक नई उम्मीदों के साथ आया है। कल की रात ...
राजन ने जब खाने का निवाला यूं चेहरे पर मुस्कान और आंखों में प्यार के साथ त्रिशा की ओर ...
बीती रात की यादों के सजीव होते ही त्रिशा के मन में कड़वाहट भर गई। वह खुद के लिए ...
त्रिशा अपने ही अंदर गूंज रही और आपस में एक दूसरे से लड़ रही उन दोनों आवाजों को सुन ...
उस भयावाह रात के बाद जब अगली बार जब त्रिशा की आंख खुली तो उसने खुद को अपने बिस्तर ...
राजन का मन जैसे कर रहा था वो वैसे त्रिशा को इधर उधर धक्का दे रहा था। उसे मार ...
"क्या????????ऐसे टुकुर टुकुर क्या देख रही है मेरी तरफ?????" राजन ने त्रिशा को अपनी ओर देखने के बाद कहा।पर ...
"क्या कहा रे तूने????????अब तू मुझे बताएगी कि मुझे क्या बोलना है और क्या नहीं बोलना ??????""मेरी मर्जी, मेरा ...
बहुत समय तक राजन का इंतजार कर कर के थक चुकी त्रिशा ने प्लेट में रखी पूड़ी सब्जी खानी ...