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बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 7: सीमाएँ

by Varun

अहमदाबाद प्रतुल मोतवाणी के शहर वाले घर के बाहर गहमागहमी थी। महँगी गाड़ियाँ एक के बाद एक आ रही ...

बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - ​अध्याय 6: कहाँ हो तुम

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शाम ढल चुकी थी। पाँच सितारा होटल के बाहर रोशनी अभी भी तेज़ थी—काँच के दरवाज़ों से छनकर फुटपाथ ...

बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 5: प्रतुल मोतवाणी

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सुबह के सात बजे। अहमदाबाद के पॉश इलाके में फैला हुआ मोतवाणी हाउस— ऊँची दीवारें। इलेक्ट्रॉनिक गेट। अंदर लंबा ...

बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 4: अतीत की परछाईं

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नील बिस्तर पर बैठा था। सामने आईना रखा था। चेहरे के लाल धब्बे अब गहरे पड़ चुके थे। बायाँ ...

बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 3: दामिनी

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अपने आलिशान पेंटहाउस के बाहर वे दोनों खड़े थे। ऊँची काँच की दीवारों वाली वह इमारत दूर से ही ...

बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 2: डेथ ब्रिज

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रेस से दो हफ्ते बाद नील एक इमारत के सबसे ऊपरी माले पर, छज्जे के किनारे पर खड़ा था। ...

बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 1: ऊँचाई

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ट्रैक साँस रोके हुए था। सुपरकार वर्ल्ड चैंपियनशिप की आख़िरी रेस—जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। एरीना ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 11: सुहागरात (फिनाले)

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बारात का आगमन ज़ोर-शोर से हुआ। घोड़ों की टापें, आतिशबाज़ी, और नाचते हुए लोग। करण घोड़ी पर आया—सिर पर ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 10: शर्त

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कमरा छोटा था। दीवारों पर शीशे नहीं—सिर्फ़ एक बड़ा आईना, जिस पर गुलाबी परदा आधा गिरा था। बाहर भजन ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 9: संदेश

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प्रदेश के किनारे का एक छोटा-सा गाँव। कमरा भारी था। दीये जल रहे थे, पर उजाला नहीं था। मिट्टी ...