घर का hall...Laptop बंद पड़े हैं…तीनों एक-ही सोफे पर पसर कर बैठे हैं।Shreya (थकी हुई-सी, एक कुशन पकड़कर) बोली ...
शानवी गहरी नींद में थी। कमरा अंधेरे में डूबा हुआ था। तभी…खिड़की से हल्की थक-थक की आवाज़ आई। शानवी ...
Past Time – जब सिस्टम भी दुश्मन बन गयाकबीर ने पहली बार कानून पर भरोसा करने की कोशिश की।उसने ...
धीरे-धीरे, खुशी और रुद्रांश की यादें पूरी तरह लौटने लगीं।हर हल्का सा एहसास, हर मुस्कान, हर छुअन उनके भीतर ...
Shreya की बॉडी में खून की कमी इतनी ज़्यादा हो गई थी कि एक दिन वह अचानक बेहोश हो ...
शानवी ने जल्दी-जल्दी अपना बैग पैक किया। कपड़े…ज़रूरी सामान…और कुछ यादें…लेकिन एक चीज़ उसने जानबूझकर पीछे छोड़ दी टुक-टुक। ...
9th और 8th floor पर कमरे में हल्की धूल, टूटी हुई खिड़कियाँ, और धूप की किरणें अजीब तरह की ...
।Past Time – जब कबीर ने पहली बार जिम्मेदारी ओढ़ीउस दिन कबीर देर तक चुप रहा था। उसकी आँखों ...
कृषांत की आँखों में अंधकार झलकता है। आवाज़ धीमी और भारी है।कृषांत (धीरे-धीरे बोलते हुए) बोला -उस रात... रात ...
दिन-ब-दिन रुद्रांश और खुशी एक-दूसरे के करीब होते जा रहे थे।हर छोटी मुस्कान, हर हल्की छुअन उनके दिलों को ...