शीर्षक: तुम्हारा अंश...!!आज पूरे डेढ़ वर्ष बीत चुके थे,जब आराध्या और अरुण पहली बार प्रेम में थे।छठ बीतते ही ...
शरीर पर लगे घाव तो भरने के लिए ही होते हैं,किंतु मन पर लगे घाव शरीर को भीतर से ...
एक प्रेम कर रहे व्यक्ति के जीवन में चांद की भूमिका क्या रहती होगी? आखिर क्यों हो जाता है ...