Shilpy Aggarwal - Stories, Read and Download free PDF

ख़ाकी बिंदिया - भाग 2

by Shilpy Aggarwal
  • (4.8/5)
  • 1k

नया शहर… नया घर… नई दिनचर्या…ज़रूरत का सामान जुटाना, नए लोगों से परिचय और छुट्टियों में आसपास की पहाड़ियों ...

ख़ाकी बिंदिया - भाग 1

by Shilpy Aggarwal
  • (5/5)
  • 2.5k

आज मृदुला कुछ अलग ही अंदाज़ में सजी हुई थी। गहरे हरे रंग की सिल्क की साड़ी, माथे पर ...

मन के भीतर (कुछ सूक्ष्म पल…)

by Shilpy Aggarwal
  • (4.6/5)
  • 2.3k

लेखक की कलम से…कहानियाँ सहज ही मन से जुड़ जाया करती हैं। पढ़ते-पढ़ते किरदार अपने से लगने लगते हैं। ...

अद्रश्य भार और एक मुस्कान

by Shilpy Aggarwal
  • (4/5)
  • 2.4k

लेखक की कलम से-एक बच्चे की सहज मुस्कान से शुरू होकर वयस्क जीवन के अदृश्य बोझों तक पहुँचता यह ...

घर का आँगन

by Shilpy Aggarwal
  • (0/5)
  • 2.8k

घर तो आज भी वही है, पर जिस आँगन में जीवन हँसता-खेलता था, वो आँगन अब न रहा।उस आँगन ...