DrAnamika - Stories, Read and Download free PDF

सूरज की लाली

by डॉ अनामिकासिन्हा
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सूर्योदय की लालिमा, भर दे मन में आस।तम का हर ले मौन में, जीवन का विश्वास॥यदि आप चाहें तो ...

सूखी रोटियों का दशक

by डॉ अनामिकासिन्हा
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सूखी रोटियों का दशक11991 की गर्मियों में जब गाँव के कुएँ सूखने लगे, तब किसी को अंदाज़ा नहीं था ...

अधूरी आजादी

by डॉ अनामिकासिन्हा
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शीर्षक: 2025 में भी अधूरी आज़ादीसाल 2025 की सर्द सुबह थी। शहर के बाहर बने फ्लाईओवर के नीचे टीन ...

लाईन में खडा़ आदमी

by डॉ अनामिकासिन्हा
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शीर्षक: “लाइन में खड़ा आदमी”सुबह के सात बजे थे। मोहल्ले की पानी की टंकी के सामने लगी लाइन में ...

गुलमोहर की छांव में

by डॉ अनामिकासिन्हा
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तपती दोपहर में बस स्टैंड के सामने से अल्हड़ लड़कियों का झूंड गुजरा... किसी के हाथ में बस्ता किसी ...

एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर...7

by डॉ अनामिकासिन्हा
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पंचवटी की अब दुसरी वटी गुजरात के लिए विदा हो चुकी थी। अब किसी का मन बिलकुल नहीं लग ...

गजल संग्रह

by डॉ अनामिकासिन्हा
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"खुशनसीब हूँ मैं जो हसरत-ए-दीदार कर सकी.. वक्त के पहले ईद का चांद भी नज़र नहींआता है.."खा़लिक़ तुझसे गुजा़रिश ...

फागुन के रंग, राधे के संग

by डॉ अनामिकासिन्हा
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फागुन के रंग राधे के संगश्रृंगार ही प्यार है राधे"-----------------------लटों को सुलझाकरमैं तुम्हारा श्रृंगार करूँ राधे.. तुम कामना हो ...

कागज की कश्ती

by डॉ अनामिकासिन्हा
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शीर्षक :मजदूर-------------------------------------------------------------------------उम्र का कोई भी पडा़वमेहनतकश के आगेलाचार नहीं होता... ... ताकत है ,जब तक धमनियों मेंवह मेरुदंड का ...

उमंग - संक्राति काल

by डॉ अनामिकासिन्हा
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परशुराम का तेज~~~~~||||~~~~शस्त्र,शास्त्र दोनों बल हैं इससे मानव रचता है इतिहासमानवता जब पूजी गयी हुआ तम का ह्रासरक्षक बने ...