PAYAL PARDHI - Stories, Read and Download free PDF

जिंदगी उधार नहीं होती

by PAYAL PARDHI
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शीर्षक: ज़िंदगी उधार नहीं होतीराहुल के घर में हर सुबह डर के साथ शुरू होती थी।डर इस बात का ...

Mafiya Boss - 7

by PAYAL PARDHI
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नेहा- देखो सीधे- सीधे बता दो कि उस बच्चे को तुम लोगों ने किडनैप क्यों किया है वरना मैं ...

Mafiya Boss - 6

by PAYAL PARDHI
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रेशमा (थोड़ी सी कंफ्यूज होते) - नेहा ?तुम्हें पता है ना की रास्ता सही जा रहा है ?कहीं हम ...

पहली नजर का पहला प्यार

by PAYAL PARDHI
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कहते हैं न,कभी-कभी उम्र कम पड़ जाती है प्यार करने के लिए,और कभी-कभी पूरी उम्र भी कम लगती है ...

Mafiya Boss - 5

by PAYAL PARDHI
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मॉर्निंग टाइमनेहा- रेशमा!! क्या कर रही है? उठ ना यार? कितनी देर तक सोती रहेगी ?तुम्हारा हर रोज ...

Mafiya Boss - 4

by PAYAL PARDHI
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प्रताप मेंशनप्रताप मेंसन बहुत बड़ा मेंशन है, जो इस शहर का सबसे बड़ा और महंगा मेंशन है ।क्योंकि शहर ...

Mafiya Boss - 3

by PAYAL PARDHI
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in mannatगीता माँ- नेहा, रेशमा !!ये तुमने क्या किया बेटा? ऐसा नहीं करना चाहिए था । तुम लोगों को ...

Mafiya Boss - 2

by PAYAL PARDHI
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(मन्नत ! छोटा सा था पर बहुत ही सुंदर था, आसपास पेड़- पौधे बहुत सारे लगे हुए थे, बहुत ...

Mafiya Boss - 1

by PAYAL PARDHI
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" एक माफिया लव स्टोरी की शुरुआत, एक अनाथ लड़की जिसके बचपन में सब कुछ छीन लिया गया हो, ...