एपिसोड 5 — “जिसने श्राप दिया… वो तुम ही थी”हवा… थम गई थी।पूरा हॉल…अजीब सी खामोशी में डूबा हुआ ...
एपिसोड 4 — “दरवाज़े के उस पार”धड़ाम!!!दरवाज़ा अर्विका के पीछे बंद हो गया।पूरी तरह अंधेरा।इतना गहरा…कि उसे अपने हाथ ...
Chapter 1: एक सगाई... प्रस्तावनाहर गांव की अपनी एक पहचान होती है…कोई अपनी सादगी के लिए जाना जाता है, ...
Episode 3: एक सौदा… जो किस्मत बदल देगासुबहकी पहली किरण अभी मेंशन की खिड़कियों तक पहुँची ही थी…लेकिन मल्होत्रा ...
एपिसोड 3 — “जिसे बचाना था… वही बन गया खतरा”अंधेरा…इतना गहरा कि सांस लेना भी भारी लगे।अर्विका के सामने ...
Episode 6:“जाल, जज़्बात और पहला वार”रात का सन्नाटा…राठौड़ हवेली के हर कोने में कुछ छुपा हुआ था। वो शिकारी ...
चैप्टर: “वो दोस्त जो दिल के बहुत पास था”कॉलेज का पहला दिन था…हर तरफ नए चेहरे, नई आवाज़ें, नई ...
Episode 5: जाल का मालिक… और छुपा हुआ सचरात का सन्नाटा हवेली को अपनी गिरफ्त में ले चुका था।हर ...
एपिसोड 2 — “जो अंदर है… वो बाहर आ चुका है”सीढ़ियोंपर…वो खड़ी थी।लाल साड़ी…भीगे बाल…और उसकी आँखें…पूरी तरह काली।जैसे ...
एपिसोड 1 — “पहली रात”रात का सन्नाटा…इतना गहरा था कि जैसे हवा भी डर रही हो चलने से।गाड़ी धीरे-धीरे ...