मौलिक, अप्रकाशितकहानीबाऊजी बाआवाज़उन्होंने भी कब सोचा था कि उनकी ये चुप्पी उन्हें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करेगी जहाँ ...
डॉ. नीरज सुधांशु मध्य रेखा उस स्पर्श से उपजी पुलक आज भी समायी है उसके मन-प्राण में। वो मीठा ...