Mamta Meena - Stories, Read and Download free PDF

इंतेक़ाम - भाग 36

by Mamta Meena
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आज दीपावली थी निशा ने भी अपने बच्चों की खुशी के लिए घर में थोड़ी बहुत सजावट की थी, ...

इंतेक़ाम - भाग 35

by Mamta Meena
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अब सन्नो के जाने के बाद निशा ने अपने आंसू पोंछे और फिर अपने घर के कामों में लग ...

इंतेक़ाम - भाग 34

by Mamta Meena
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वही निशा ने विजय के बारे में और पूछताछ की तो डॉक्टर ने कहा कि ऐसे के केसों के ...

इंतेक़ाम - भाग 33

by Mamta Meena
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वही रोमी वहीं अस्पताल में रही उसने अपने पिता को भी फोन कर सारा हाल सुना दिया,,,,,उसके पिता भी ...

इंतेक़ाम - भाग 32

by Mamta Meena
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उधर जब रोमी ने विजय के पास फोन किया तो फोन नर्स ने उठाया क्योंकि मोबाइल विजय की जेब ...

इंतेक़ाम - भाग 31

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दूसरे दिन विजय जल्दी ही निशा के ऑफिस पहुंच गया और उसने चौकीदार से कहकर निशा से मिलने के ...

इंतेक़ाम - भाग 30

by Mamta Meena
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अब तो विजय उसकी मां भी उसके पास नहीं थी जिससे दो शब्द बोल कर वह अपना दुख बांट ...

इंतेक़ाम - भाग 29

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जब निशा अपना ऑफिस का काम खत्म कर बाहर आई तो उसकी नजर बाहर बैठे विजय पर पड़ी, लेकिन ...

इंतेक़ाम - भाग 28

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विजय अब दिन-रात निशा के ही बारे में सोचा करता उसे निशा और अपने बच्चों की बहुत याद आती ...

इंतेक़ाम - भाग 27

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तभी निशा की नजर भी विजय और रोमी पर पड़ी फिर निशा ने गुस्से से अपनी नजर दूसरी तरफ ...