निशा को रहने का ठिकाना तो मिल गया था लेकिन अब उसे काम की चिंता थी, इसलिए काम की ...
निशा अपना ससुराल छोड़कर और अपने बच्चों को लेकर घर से आ तो गई लेकिन उसे यह चिंता सता ...
तब रोमिं बोली बंद कर अपनी यह बकवास और हां तुम्हारी यह मनहूस सूरत आइंदा हमें कभी मत दिखाना ...
तब रोमी और निशा की तू तू मैं मैं सुनकर निशा की सास भी कमरे से बाहर आ गई ...
एक दिन निशा रसोई में काम कर रही थी उसकी सास अपने कमरे में थी, विजय ऑफिस गया हुआ ...
वही रोमी से उसकी की सास ने काफी कहा लेकिन रोमी न एक बार भी नहीं सुनी और कहा ...
वही निशा की सास तो अब बस रोमी के आगे पीछे रहती वह इस कोशिश में लगी रहती की ...
आज विजय अपनी नई बीवी को लेकर कर आने वाला था उसकी सास ने दुल्हन की तरह पूरे घर ...
1 दिन निशा की सास ने खुश होते हुए निशा को बताया की विजय ने किसी करोड़पति की बेटी ...
धीरे-धीरे दिन गुजरने लगे अचानक एक दिन खबर आई कि दिल का दौरा पड़ने से उसकी बुआ जी की ...