Shree Kriti - Stories, Read and Download free PDF

किघकन्या - 3

by Shree Kriti

अमावस की घनघोर काली अॅंधेरी रात थी, रोहिणी ने इस रात को चुना हवेली से भागने के लिए ... ...

किघकन्या - 2

by Shree Kriti
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जैसे - जैसे रोहिणी के रूप - लावण्य का जादू टूटने लगा वैसे - वैसे हसीन रूमानी रातों का ...

किघकन्या - 1

by Shree Kriti
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यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ......................................नेपाल के ...

The Dream Man

by Shree Kriti
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यह घटना लगभग बारह साल पहले 2012 की है, तब सब ओर नवरात्रि की धूमधाम थी। महज़ पन्द्रह साल ...

डबल स्टैंडर्ड

by Shree Kriti
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शाम का गहरा मगर सुहाना वक्त था। सत्तर वर्ष की मीरा देवी ड्राइंग रूम के आरामदेह सोफे पर बैठीं ...

शरीक़-ए- ज़िंदगी

by Shree Kriti
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कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी ...