विवेक – अदिति | गहरा रिश्तारात का सन्नाटा चारों ओर फैला था।घर सो चुका था… लेकिन अदिति की आँखों ...
पुनर्मिलन की शांति अभी पूरी तरह उतरी भी नहीं थी कि आकाश में अचानक काले बादल घिर आए। हवा ...
आदित्य – चेताक्क्षी | सोलफुल रिश्तामंदिर में धूप और अगरबत्ती की खुशबू फैली थी।चेताक्क्षी दीपक जला रही थी।आदित्य उसे ...
नागलोक में आज असामान्य हलचल थी। काले आकाश में लाल बिजली चमक रही थी, और नाग-स्तंभों पर लिपटे सर्प ...
पैहरगढ़ में कई दिनों बाद फिर से रौनक लौट आई थी।मंदिर की घंटियाँ, घरों में दीपक, और हर चेहरे ...
रेखा की नजर माहिरा की कलाई पर जमी रह गई. वो निशान अब साफ दिख रहा था—त्रिशूल जैसा चिन्ह, ...
ही एकांक्षी की धुंधली आंखों के सामने अधिराज की आकृति स्पष्ट हुई, उसका हृदय जोर से धड़क उठा। स्मृतियों ...
उबांक गायब होकर सबके वार से बच रहा था , लेकिन सभी आदिवासी काफी घायल हो चुके थे , ...
अदिति हुई घायल...तभी कुछ आदिवासी हाथ में तीर कमान लिए उनके सामने आ जाते हैं.....अब आगे..............उन्हे अचानक आए देखकर ...
वनदेवी की जय हो...लड़खड़ाते हुए अदिति अमोघनाथ जी के पास पहुंचती है..." उस बेताल को कैसे मार सकते हैं...."अब ...