Dr. Suryapal Singh - Stories, Read and Download free PDF

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 17

by Dr. Suryapal Singh
  • 351

जीतेशकान्त पाण्डेय- अवकाश प्राप्ति के बाद आपकी दिनचर्या क्या रही ? डॉ0 सूर्यपाल सिंह- अवकाश प्राप्ति के बाद एक ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 16

by Dr. Suryapal Singh
  • 705

4 मार्च 1990 को यह शादी सम्पन्न हो गयी। शादी निपटने के बाद मैं अपने कॉलेज चला गया। अब ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 15

by Dr. Suryapal Singh
  • 801

इसी तरह हर वर्ष एक सप्ताह व्याख्यान एवं मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाता। बच्चे इसमें काफी रुचि लेते। ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 14

by Dr. Suryapal Singh
  • 771

तीसरे वर्ष ऐसा हुआ कि मैंने जुलाई में ही बीए भाग एक का प्रवेश सम्पन्न कर 25 जलाई से ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 13

by Dr. Suryapal Singh
  • 960

प्रश्न- महाविद्यालय भटवली बाजार में आप 15 वर्ष रह गये। वहाँ का अनुभव कैसा रहा ?डॉ0 सूर्यपाल सिंह- 29 ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 12

by Dr. Suryapal Singh
  • 894

1982 में उच्चतर शिक्षा आयोग का गठन किया गया। इसने डिग्री कालेज के प्राचार्यो का चयन प्रारम्भ किया। पहले ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 11

by Dr. Suryapal Singh
  • 1.1k

मैं सिंगापुर के गृह मंत्रालय के कार्यालय में गया तो वहाँ पहुँचते ही बाबू ने बताया कि आपका रिकार्ड ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 10

by Dr. Suryapal Singh
  • (5/5)
  • 1.1k

ब्रीफकेस मैंने मेज के नीचे रख दिया। मैंने पराठा खा कर भुगतान दिया और चलने को हुआ तो देखा ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 9

by Dr. Suryapal Singh
  • (0/5)
  • 1.4k

थाइलैंड में चाय को ‘चा’ कहते हैं जिसमें दूध नहीं डाला जाता। दूध मिलाकर चाय प्रायः होटलों में ही ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 8

by Dr. Suryapal Singh
  • (0/5)
  • 1.2k

‘कलमजीवी निराला’ बाद में ‘गीत गाने दो मुझे’ नाम से प्रकाशित हुआ। जो बच्चे नाटक से जुड़े उन्होंने निःस्वार्थ ...