---------------सुबह का समय था । सभी स्टूडेंट्स क्लास मे बैठे किसी ना किसी बात पर चर्चा कर रहे थे। ...
-------------- "प्रेम यदि पुर्ण हो तो भुला दिया जाता है। उसकु अधूरे स्वरूप को ही पूजा जाता । प्रेम ...
-------------------अमर अभी राघव से बात कर ही.रहा था की डोर बेल बजी।.राघव को गोद मे लिए ही.वो दरवाजे की ...
----------------चारू ने सर उठाकर देखा तो अमर होंठ भींच उसे ही देख रहा था। उसकी उंगलिया पेंट पर कसी ...
-------------चारू दोबारा भागने के लिए मुडती ही है कि अमर उसकी कलाई पकड उसे एक खाली क्लासरूम मे ले ...
------------------कॉरिडोर का माहौल अजीब सा हो गया था। तेजी से भागती थी चारू नव्या से टकरा गई थी। और ...
---------------------क्लास मे आकर अमर ने टेस्ट रिजल्ट देने शुरू कर दिए। वो एक एक कर सबके नाम लेकर मार्क्स ...
-------------------लाईब्रेरि से निकल कर चारू सीधा अपने डोर्म चली गई। पिछले एक हफ्ते से वो अकेली ही रह रही ...
------------------उस दिन से अब तक एक हफ्ता बीत चुका था । अमोघ नैना का बेहद ध्यान रखता था । ...
--------------------रात का समय था। नैना अभी भी सो रही थी। उसके सिराहने बैठा अमोघ सन्न था। उसके हाथ मे ...