govind yadav - Stories, Read and Download free PDF

एक अधूरा खत

by govind yadav
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संध्या का समय था। सूरज ढल चुका था, और हल्की-हल्की हवा खिड़की के परदे हिला रही थी। राघव अपनी ...

रहस्यमी किताब

by govind yadav
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शहर के पुराने हिस्से में एक छोटी-सी लाइब्रेरी थी — “कैलाश पुस्तकालय”।यहाँ धूल जमी अलमारियों में ऐसी-ऐसी किताबें थीं ...

पहली मुलाक़ात

by govind yadav
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रेलवे स्टेशन पर शाम का वक्त था।प्लेटफॉर्म पर चाय की ख़ुशबू, announcements की आवाज़ें और भागते हुए लोगों की ...

खिलाड़ी बनो, खिलौना नहीं

by govind yadav
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अवनीश हमेशा से बहुत अच्छा लड़का था —हर किसी की मदद करता, सबको खुश रखता, किसी को “ना” नहीं ...

Be a लीडर

by govind yadav
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स्कूल की प्रार्थना सभा चल रही थी। सब बच्चे एक लाइन में खड़े थे — कोई बात कर रहा ...

प्यार के Effects

by govind yadav
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आयुष और अनन्या की मुलाकात कॉलेज के पहले दिन हुई थी। भीड़ भरे कैंपस में जब अनन्या की किताबें ...

मोहब्बत

by govind yadav
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Ananya apni college ki library me akeli baithi thi, kitaab ke pages me khoi hui. Har roz ki tarah, ...