दिल्ली, शाम के 6:20। ऑफिस बस से उतरकर माया पैदल अपने घर की ओर चलने लगी। हाथ में भारी लैपटॉप ...
मुझे सब याद है… मैं अपने घर में थी। वही घर... जहाँ की हर दीवार, हर कोना मुझे पहचानता था। वही सोफ़ा, ...