Deepak sharma - Stories, Read and Download free PDF

बंद इंजन

by Deepak Sharma
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क्या मैं मृत्युलोक में हूं? स्वर्ग आ पहुंचा हूं? धरती और ...

कुंती का खेल

by Deepak Sharma
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कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था। टंडन मेम ...

अनुसूया सदन

by Deepak Sharma
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लखनऊ से जब आप कस्बापुर की ओर आते हैं,तो कस्बापुर शुरू होते ही अनुसूया रोड पड़ती है— खूब चौड़ी ...

आपदा

by Deepak Sharma
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“हैप्पी बर्थडे,” सुबह सात बजे बहन ने मुझे मोबाइल किया था, “अपने स्कूल से मैं सीधे तुम्हारे पास पहुंच ...

बाबूजी की दुकान

by Deepak Sharma
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मेरा गणित का पर्चा अच्छा हुआ था. पर्चा देते ही मैं बाबूजी की दुकान पर आ गया. ...

इन गुड फ़ेथ

by Deepak Sharma
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सन उन्नीस सौ उनसठ के उस दिन किशोर अपने पैतृक गांव से लौटा था।जहां वह दसवीं की अपनी परीक्षा ...

आपदधर्म

by Deepak Sharma
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आपदधर्म “चरण- स्पर्श, ताऊजी,” बाहर के बरामदे से बहू की ...

खुलासा

by Deepak Sharma
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“मां ने बैंंक में अपना खाता कब खोला?” मां की स्मृतियों में से एक नई कड़ी मैं ने खोलनी ...

चकरी गिरह

by Deepak Sharma
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“आप को प्रिंसीपल साहिबा ने याद किया है,मैडम,” कस्बापुर के राजकीय महिला डिग्री कालेज का एक चपरासी रमा के ...

दुहाई- तिहाई

by Deepak Sharma
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“धर्मवीर,” अपनी अर्द्धचेतना में जाई मुझे ठीक पहचान न पाईं। समझीं, मैं यशवीर नहीं हूं। धर्मवीर हूं। ...