सुबह का समय था।हल्की धूप आँगन में बिखर रही थी।चित्रा चुपचाप बैठी, बच्चे को गोद में लेकरधीरे–धीरे तेल की ...
तभी जेठानी अंदर आई।हाथ में चाय।चेहरे पर माँ जैसी चिंता की एक्टिंग।“अरे… थक गई होगी… इतने काम कर लिए…”वह ...
घर अब पहले जैसा शांत नहीं रहा था।अब हर दीवार पर ताने गूँजते थे।हर सांस पर टोका-टोकी थी।और हर ...
अगली सुबह जैसे ही सूरज ने आँगन पर हल्की किरणें डालीं, चित्रा ने अपनी आँखें खोलीं। रात भर का ...
एपिसोड 3— “निधि का पहला दिन”ससुराल के बड़े-से आँगन में आज गहमा-गहमी थी। रिश्तेदारों की भीड़, हंसी-ठिठोली, गहनों की ...
चित्रा का दर्दचित्रा की आँखों में आँसू आ गए…लेकिन आवाज़ स्थिर थी।“आप बुरा मत मानिएगा, दिव्यम जी…”“आप जानते हैं…मेरी ...
⭐ ▲ चित्रा की पहली शादी — दर्द, अपमान और टूटनचित्रा की शादी को दो महीने भी नहीं हुए ...
एपिसोड – पवित्र बहूरात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में ...
नीला ने धीरे-धीरे सुरेश की तस्वीर को अपने हाथों में थामते हुए आंसू पोंछे। उसकी आंखों में यादों का ...
“मैं यह किताब क्यों लिख रही हूँ…”आज के सोशल मीडिया के दौर में, जहाँ एक रील, एक पोस्ट, या ...