Anant Dhish Aman - Stories, Read and Download free PDF

त्याग जीवन की प्राण प्रतिष्ठा है

by Anant Dhish Aman

“त्यागात् शान्तिरनन्तरम्” — यह दिव्य सूत्र हमें बताता है कि त्याग के पश्चात् ही शान्ति का उदय होता है। ...

मगध का गौरव - दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय

by Anant Dhish Aman
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दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय से मेरा जुड़ाव केवल एक विद्यार्थी, नागरिक या दर्शक का संबंध नहीं है, बल्कि उस ...

वटवृक्ष की आग में सुलगती वैचारिकता

by Anant Dhish Aman
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वटवृक्ष में आग लगने की घटना निस्संदेह अत्यंत दुःखद, चिंताजनक और आत्ममंथन का विषय है। किसी भी धार्मिक आस्था, ...

मांई के मांई

by Anant Dhish Aman
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मनुष्य के जीवन में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनका महत्व शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा ...

पृतपक्ष महासंगम गया जी धाम

by Anant Dhish Aman
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पितृपक्ष महासंगम :—आश्विन मास का आगमन होते ही गया जी की पहचान मानो बदल जाती है। यह परिवर्तन केवल ...

राम राज

by Anant Dhish Aman
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राम राज : आदर्श शासन, आदर्श समाज और मानवीय मूल्यों का शाश्वत दर्शन“राम राज” भारतीय संस्कृति और चिंतन की ...

मौन से जागरण तक

by Anant Dhish Aman
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एक गाँव था—छोटा, शांत और अपनी सहजता में अद्भुत।सुबह की पहली किरण जब कच्ची गलियों को छूती, तो लगता ...

यात्रा के अंश से साहित्यिक रंगमंच

by Anant Dhish Aman
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यात्रा के अंश से साहित्यिक रंगमंच…यात्रा के इस अंश में मैं जिन अनुभवों को साझा करने जा रहा हूँ, ...

यात्रा के अंश - से महिला दिवस पर विशेष

by Anant Dhish Aman
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मानव सभ्यता के विकास की कथा यदि लिखी जाए तो उसके प्रत्येक अध्याय में महिला की उपस्थिति स्पष्ट रूप ...

आंखें बंद थी तो सब दिखता था

by Anant Dhish Aman
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“आंखें बंद थीं तो सब दिखता था, आंखें खुलीं नहीं कि सब ओझल हो गया।”एक छोटी-सी बच्ची के मुख ...